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bhartiy लोकतंत्र का यथार्थ

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हम इस बात पैर विचार नहीं करते कि यहाँ जो लोकतंत्र का विकास हुआ है कही वह लूला-लगडा और विकृत लोकतंत्र तो नहीं है जिसमे जनता के लिए जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधिओ द्वारा आम जनता के हितो के लिए कार्य करने का मौका मिलाता है.लेकिन वास्तव में हो क्या रहा है चन्द लोग जिनके पास साधन है वही इस लोकतंत्र को अपने खुले भ्रष्टाचार और अपराध को संरचित करने का सरल तरीका बना लिया है.हमें इस बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता होनी चाहिए कि हमारे स्वतंत्रता के लिए क़ुरबानी दे कर इसी तरह लूटने-खसोटने वालो का लोकतंत्र स्थापित किया गया था? वैसे अगर आजादी मिलाने के बहुत पहले भगत सिंह ने अपने फासी की प्रतिक्चा के समय ही घोसडा कर दी थी कि गोरे अंग्रेजो से तो हम लड़ ही रहे है लेकिन आजादी के बाद भूरे दुश्मनों से और बड़ी लड़ाई लड़नी होगी तभी सही मनो में हम वास्तविक आजादी हासिल कर पायेगे आज यह समय आ चूका है क्योकि एक खदयंत्र के तहत आजादी के ६३ सालो बाद भी आधी से अधिक जनता को सिक्चित बनाने का कोई प्रयास नहीं किया गया ज्यादातर कांग्रेस की सरकार रही और उसने इस तरफ सोचा ही नहीं सत्ता में होने की वजह से उन्हें पैसो की कमी नहीं रही और बाकि काम अल्पसंख्यको के तुस्तीकरद औत दलितों को आर्क्चन का झुनझुना थमा कर अपना उल्लू सीधा करती रही. वैसे गाँधी जी की भूमिका अहम् होनी चाहिए थी इस लिए नहीं की उनकी सोच वैज्ञानिक थी या अव्यवहारिक थी वरन इस लिए आवश्यक थी कि इतिहास के नाजुक मोड़ पर गाँधी जी के सत्ता से विमुख होने की वजह से अच्छे लोग राजनीत से अलग हो गए नहीं तो कोई प्रश्न ही नहीं था कि जय प्रकाश नारण ,विनोवा और Ram Manohar Lohia ,Achary narendr dev jaise logo को baher hona pada ,Vaise Gandhi जी mul rup से rajnitik vykti the ही नहीं और बाकी Subhash Chandr Bose jaise virodhio को Neharu जी ने पहले ही nipta diya था Neta teen prakar के hote है एक जो swabhavik janm से ही neta hota है जिसमे neharu जी jaise लोग hote है,जो puri तरह vyvsthit rup से अपने pahnave swbhaw और any sammohit करने wale gudo से lais hote है इस तरह के logo में neharu जी को shamil किया ja sakta है kuch atimahtyakancha के विचार के hote है जिसमे हम Hitlar को shamil ker sakte है और teesare thope hue neta hote है jisme Stalin jaiso को shumar किया ja sakta है isme sabse khtrnak vyvsthit neta hote है जो durdrishti rakhte है और अपने से sambhavit mahtvpurd logo से khatara mahsus करते है और काम nikalne के बाद dudh की makhkhi की tarh nikal bahr करते है.Aur yahi इस desh का durbhagy रहा कि गाँधी जी भी nehru के samohan kala के shikar हो गए और Tilak को sirf इस लिए सत्ता नहीं soupi कि वह gujrat से the और गाँधी जी yahi chuk गए एक aise hath में सत्ता soup दी जो desh को अपने manmane tarike से chalane lage.एक bar kisi बात पैर Dr.Lohiya ने neharu की nitio का virodh करते hue kaha था कि sawal gati की नहीं वरन disha की है jab hum galt disha pakad रहे है तो fir विकृत विकास ही sambhaw है./ Hame mahsus hota है कि हमारे samvidhan के nirmad की prakriya ही aloktantrik थी जो seemit matadhikar prapt logo द्वारा chuni gai samvidhan का nirmad Britan के सरकार के adheen swikrit भूमिका पैर adharit था और jise bharat के aam logo की swikrit kiye bina sabhi पैर thop दी gayi इसी samvidhan में her तरह के sanshodhan की vyvstha है.Jo kabhi Apatkal के rup और ajkal Sez और green hunt jaise narsanghro के लिए भी rasta uplabdh karata है.Aj-kal videshi banko में jama kala dhan और भ्रष्टाचार का बहुत hangama macha हुआ है यह भी इसी के dayre में हुआ है और इसी dayre में khatam भी हो jayega क्योकि bakoul Prabhu Chawla यहाँ sab kuch fix है.Hame Mishr से sabak lena चाहिए ab in jaise rajnetao को jana चाहिए नहीं hatte तो inhe balpurvak gaddi से ukhad fekna चाहिए dekhie Mishr को dekhte pure tanashaho के khilaf awaj uthane lagi है yahi सही मौका है Bharat में वास्तविक लोकतंत्र lane का जनता netao की chori और seena jori भी sabke samane है kale dhan के बारे में servochch nyayaly को भी dhokha dene का प्रयास besharmi से किया ja रहा है lakho karodo की loot हो रही है लेकिन J.P.C. की mag kharij करते rahege Akhir Man Mohan Singh की imandari को koun badhit ker रहा है kisake vafadari nibhane में अपने swkch chavi को भी daw पैर laga रहे है उनकी majboori से जनता khub bhali-bhati samjhti है लेकिन यह apekch तो hona lajmi है कि desh bada है या एक khandan की chakri आज इसी से bhart के लोकतंत्र की parikcha होनी है कि एक gandhiwadi saral और vidoun arthshastri ujale chavi wala भी अगेर इस bhrastachar rupi bahurupiye का pardafas नहीं करते है तो लोकतंत्र को khatme की taraf lejane के लिए इतिहास में kale shabdo में unka nam darj hoga.

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